संगरूर में रिश्वतखोर तहसीलदार गिरफ्तार, घर से मिली नकदी – विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने "जीरो टॉलरेंस" नीति के तहत संगरूर में तहसीलदार जगतार सिंह को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। उसके घर से 1.45 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई।
- संगरूर में तहसीलदार जगतार सिंह 30 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया
- आरोपी के घर से विजिलेंस ने 1.45 लाख रुपये बरामद किए
- क्लर्क मालविंदर सिंह की तलाश जारी, विजिलेंस ने कहा– कोई भी दोषी नहीं बचेगा
- शिकायत किसान ने की थी जो जमीन की रजिस्ट्री कराना चाहता था
पटियाला। पंजाब सरकार की “Zero Tolerance Policy” (जीरो टॉलरेंस नीति) के तहत राज्य में भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसने की कवायद तेज होती दिख रही है। इसी सिलसिले में विजिलेंस ब्यूरो (Vigilance Bureau) ने संगरूर में बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसीलदार जगतार सिंह को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद ब्यूरो ने उसके घर की तलाशी ली जहां से 1 लाख 45 हजार रुपये की नकदी बरामद की गई। विजिलेंस सूत्रों के मुताबिक आरोपी के खिलाफ रिश्वत के लेनदेन को लेकर पुख्ता सबूत मिले हैं।
यह मामला तब सामने आया जब जिला संगरूर के गांव महिलां (Mahilan) निवासी एक व्यक्ति ने विजिलेंस हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने बताया कि तहसील कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री (land registry) कराने के दौरान तहसीलदार जगतार सिंह और क्लर्क मालविंदर सिंह ने उससे 30 हजार रुपये की मांग की। आरोप के अनुसार रकम देने के बाद भी फाइल में देरी की जा रही थी जिसके बाद उसने यह कदम उठाया।
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विजिलेंस अधिकारियों ने शिकायत की पुष्टि के लिए प्रारंभिक जांच (preliminary inquiry) की और रिश्वत का मामला सही पाया गया। इसके बाद तत्काल टीम गठित कर कार्रवाई की गई।
विजिलेंस ब्यूरो पटियाला रेंज के प्रवक्ता ने बताया कि तहसीलदार को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं सह-आरोपी क्लर्क मालविंदर सिंह की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। ब्यूरो ने स्पष्ट कहा है कि अगर जांच में किसी और अफसर की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ पंजाब सरकार के रुख को यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण संदेश (strong message) देती है। सरकार बार-बार कह चुकी है कि सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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विजिलेंस ब्यूरो ने जनता से अपील की है कि वह बिना डर के भ्रष्टाचार की शिकायत करें। ब्यूरो ने यह भी भरोसा दिलाया कि शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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