Jaipur Accident News: जयपुर में नशे में धुत रईसजादों ने लग्जरी कार से 16 को रौंदा, एक की मौत और भारी तबाही
जयपुर की पत्रकार कॉलोनी में तेज रफ्तार लग्जरी कार ने मचाया कहर। नशे में धुत युवकों ने 16 लोगों को रौंदा, भीलवाड़ा के रमेश की मौत। मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश।
- आधी रात को काल बनकर दौड़ी लग्जरी कार
- जयपुर में पसरा मातम सड़क किनारे खड़े लोगों को रौंदा
- एक की मौत और पंद्रह घायल
- नशे में धुत रईसजादों की करतूत ने पत्रकार कॉलोनी को दहलाया
Jaipur Accident News: गुलाबी शहर की रात अमूमन शांत होती है लेकिन शुक्रवार की देर रात पत्रकार कॉलोनी का मंजर किसी डरावने सपने जैसा था। जयपुर के खरबास सर्कल के पास जब लोग अपनी दिनभर की थकान मिटाकर घर लौटने की तैयारी कर रहे थे या सड़क किनारे ठेलों पर खड़े थे, तभी एक बेकाबू लग्जरी कार काल बनकर आई। रफ्तार इतनी तेज कि जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक वहां चीख-पुकार मच चुकी थी।
कहने को तो यह एक सड़क हादसा है लेकिन हकीकत में यह उन चंद रईसजादों की लापरवाही है जिन्होंने नशे की हालत में स्टीयरिंग थामकर मासूमों की जान को दांव पर लगा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार पहले जोर से डिवाइडर से टकराई और फिर करीब 30 मीटर तक मौत का तांडव मचाते हुए सड़क किनारे लगी दुकानों और ठेलों को रौंदती चली गई।
भीलवाड़ा के रमेश ने अस्पताल में तोड़ा दम
इस खौफनाक टक्कर की चपेट में आने से 16 लोग लहूलुहान हो गए। इनमें से भीलवाड़ा के रहने वाले रमेश बैरवा की हालत सबसे ज्यादा नाजुक थी। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद रमेश को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। रमेश का परिवार अब इस सदमे में है कि घर से कमाने निकला शख्स अब कभी वापस नहीं लौटेगा।
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हादसे के बाद इलाके में जैसे भगदड़ मच गई। चारों तरफ खून और टूटी हुई गाड़ियों के मलबे बिखरे पड़े थे। पुलिस ने बताया कि कुल 15 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से गंभीर रूप से जख्मी चार लोगों को सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल में रेफर किया गया है। बाकी लोगों का इलाज जयपुरिया और कुछ निजी अस्पतालों में चल रहा है।
नशे में टल्ली थे कार सवार, मौके से हुए फरार
कानून की धज्जियां उड़ाने का आलम यह था कि कार में सवार चारों युवक कथित तौर पर नशे में पूरी तरह धुत थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वहां खड़ी अन्य गाड़ियां भी कबाड़ में तब्दील हो गईं। पुलिस की मुस्तैदी से एक आरोपी को तो हिरासत में ले लिया गया है, लेकिन तीन अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में कामयाब रहे। जब्त की गई लग्जरी कार अब पुलिस थाने में खड़ी है जो उस रात की बर्बरता की गवाही दे रही है।
स्थानीय निवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोगों का कहना है कि रात के समय इन इलाकों में तेज रफ्तार गाड़ियों का कहर बढ़ जाता है। हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
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सरकार की सक्रियता और घायलों का हाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि घायलों के इलाज में कोई कोताही न बरती जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो। शनिवार को उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर खुद जयपुरिया अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। लेकिन सवाल वही है कि क्या सड़कों पर रईसी का यह नशा इसी तरह बेगुनाहों की जान लेता रहेगा? जयपुर का यह हादसा एक बार फिर चेता रहा है कि सड़कों पर सिर्फ गाड़ियां नहीं दौड़तीं बल्कि कई परिवारों की उम्मीदें भी चलती हैं जिन्हें कुचलने का हक किसी को नहीं है।
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