मुंबई/कोलंबो: शनिवार की सुबह और क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में एक ही सवाल—क्या आज से शुरू हो रहा आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप सिर्फ चौकों-छक्कों के लिए जाना जाएगा या फिर सरहदों के तनाव के लिए? भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में आज (7 फरवरी) से क्रिकेट का सबसे छोटा और सबसे विस्फोटक प्रारूप शुरू हो रहा है, लेकिन मैदान पर पहली गेंद पड़ने से पहले ही मैदान के बाहर की ‘पिच’ काफी खराब हो चुकी है।
विवादों का टॉस: पाकिस्तान और बांग्लादेश का ‘बहिष्कार’ दांव
इस बार का विश्व कप खेल से ज्यादा कूटनीति की भेंट चढ़ता दिख रहा है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा और मुस्तफिजुर रहमान के आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट जैसे मुद्दों को ढाल बनाकर भारत आने से मना किया, तो पाकिस्तान ने भी आग में घी डालने का काम किया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के समर्थन के बाद पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैचों के बहिष्कार का जो बिगुल फूंका है, उसने आईसीसी की रातों की नींद उड़ा दी है। बड़ा सवाल यह है कि क्या कोलंबो में आज होने वाला ओपनिंग मैच सुचारू रूप से चल पाएगा?
वानखेड़े में ‘सूर्या’ का उदय, क्या टीम इंडिया है अजेय?
राजनीतिक शोर के बीच, सूर्या की कप्तानी वाली टीम इंडिया आज शाम 7 बजे मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में अमेरिका (USA) के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। कागजों पर भारतीय टीम इतनी मजबूत है कि विशेषज्ञ इसे ‘अजेय’ मान रहे हैं। सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या और बुमराह की तिकड़ी के पास वह मारक क्षमता है जो किसी भी टीम को ध्वस्त कर सकती है।
लेकिन क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। जहां भारत की हार एक ‘राष्ट्रीय सदमा’ होगी, वहीं उसकी जीत को महज एक ‘औपचारिकता’ माना जा रहा है। दबाव इसी बात का है।
आज के तीन बड़े मुकाबले: एक नज़र में
- सुबह 11:00 बजे: पाकिस्तान बनाम नीदरलैंड्स (कोलंबो) – क्या पाकिस्तान मैदान पर उतरेगा? सबकी निगाहें इसी पर हैं।
- दोपहर 03:00 बजे: वेस्टइंडीज बनाम स्कॉटलैंड (ईडन गार्डन्स, कोलकाता) – कैरेबियाई पावर बनाम स्कॉटिश जज्बा।
- शाम 07:00 बजे: भारत बनाम यूएसए (वानखेड़े, मुंबई) – प्राइम टाइम पर डिफेंडिंग चैंपियंस का शो।
नेपाल और इटली: छोटे देशों के बड़े सपने
इस वर्ल्ड कप की खूबसूरती सिर्फ बड़ी टीमें नहीं हैं। नेपाल के दीपेंद्र सिंह ऐरी, जिनके नाम 9 गेंदों में फिफ्टी का रिकॉर्ड है, इस बार ग्लोबल सेंसेशन बन सकते हैं। वहीं इटली और यूएसए जैसी टीमों का शामिल होना यह बताता है कि क्रिकेट अब सिर्फ कॉमनवेल्थ देशों का खेल नहीं रह गया है।
