नई दिल्ली/नोएडा: दिल्ली-एनसीआर के लोगों को लग रहा था कि अब धीरे-धीरे गुलाबी ठंड विदा ले रही है, लेकिन प्रकृति के पिटारे में अभी कुछ और ही बाकी है। मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर भारत के पहाड़ों पर सक्रिय हो रहे एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद की तरफ रुख कर लिया है। इसका सीधा असर 9 फरवरी की रात से दिखने लगेगा।
9 और 10 फरवरी: क्या होगा बदलाव?
न्यूज़़रूम में मौसम विशेषज्ञों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार (9 फरवरी) की देर रात आसमान में बादलों का डेरा जमना शुरू हो जाएगा। 10 फरवरी को दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। हालांकि यह बारिश मूसलाधार नहीं होगी, लेकिन हवा के पैटर्न को पूरी तरह बदलने के लिए काफी है।
ठंडी हवाओं का ‘सेकंड स्पेल’
असली खेल बारिश के बाद शुरू होगा। जैसे ही बादल छंटेंगे, पहाड़ों से आने वाली बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाएं मैदानी इलाकों में अपनी पैठ जमा लेंगी। इससे रात के तापमान में अचानक 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। यानी जो लोग अपनी भारी रजाई और जैकेट पैक करने की सोच रहे थे, उन्हें अभी थोड़ा इंतजार करना होगा। सुबह और देर रात के समय हल्की धुंध (Mist) भी ट्रैफिक की रफ्तार पर ब्रेक लगा सकती है।
गुरुवार का हाल: शांति के बाद का तूफान?
बीते गुरुवार को राजधानी और आसपास के इलाकों में धूप खिली रही और अधिकतम तापमान 22.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम पारा 10.4 डिग्री के आसपास रहा, जो इस सीजन के लिहाज से सामान्य है। लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह ‘शांति’ आने वाले विक्षोभ का संकेत है। आने वाले तीन-चार दिनों तक पारे में उतार-चढ़ाव का यह ‘रोलर-कोस्टर’ जारी रहने वाला है।
किसे होगी राहत, किसे आफत?
- किसानों के लिए: कृषि जानकारों की मानें तो यह हल्की बूंदाबांदी रबी की फसलों (जैसे गेहूं) के लिए ‘अमृत’ साबित हो सकती है।
- आम नागरिक: बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह बदलता मौसम चुनौतीपूर्ण हो सकता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि रात की ठंड को हल्के में न लें, क्योंकि तापमान में यह अचानक बदलाव मौसमी बीमारियों को न्योता देता है।
