हरियाणा में घने कोहरे का कहर, रेवाड़ी में ठिठुरन बढ़ी, बारिश न होने से सर्दी और तेज
हरियाणा में मंगलवार सुबह घना कोहरा और शीतलहर छाई रही। रेवाड़ी में दृश्यता घटी, वाहन धीमे चले। दिसंबर और जनवरी में बारिश न होने से सूखी सर्दी का असर बढ़ गया। लोग अलाव के सहारे ठंड से बचाव कर रहे हैं।

- घने कोहरे ने बढ़ाई ठिठुरन
- रेवाड़ी में सुबह से सड़कों पर धीमी रफ्तार
- बारिश नहीं होने से सूखी सर्दी का असर
- अलाव के सहारे लोग कर रहे हैं बचाव
हरियाणा में मंगलवार की सुबह एक बार फिर घने कोहरे और शीतलहर के साथ शुरू हुई। दो दिन की हल्की राहत के बाद सोमवार रात से मौसम ने अचानक करवट ली और सुबह होते-होते कोहरे की मोटी परत पूरे इलाके पर छा गई।
ठंडी हवा के साथ ओस की अधिकता ने माहौल को और भी सिहरन भरा बना दिया।
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रेवाड़ी में दिन की शुरुआत बेहद कम दृश्यता के साथ हुई। कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए।
कई जगह ऐसा महसूस हुआ मानो हल्की बूंदाबांदी हो रही हो लेकिन असल में यह ओस की अधिकता का असर था। सुबह-सुबह बाहर निकलने वालों को ठंड ने बेहाल कर दिया।
इस सर्दी में बारिश का इंतजार अब तक अधूरा ही रहा है। दिसंबर का पूरा महीना सूखा बीता और जनवरी के शुरुआती छह दिन भी बिना बारिश के निकल गए।
नवंबर के पहले हफ्ते से ही कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी थी लेकिन नमी न मिलने के कारण सर्दी और ज्यादा चुभने लगी है।
मंगलवार को ठंड का असर पिछले दो दिनों की तुलना में ज्यादा महसूस किया गया। सुबह और शाम की ठिठुरन ने लोगों को अलाव जलाने पर मजबूर कर दिया।
सोमवार को दोपहर बाद धूप जरूर निकली थी लेकिन ठंडी हवा के चलते राहत सीमित रही। मंगलवार को भी सुबह के समय धूप निकलने के आसार कमजोर नजर आए।
सोमवार को दिन में धूप के बावजूद अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले रविवार को अधिकतम तापमान 18.5 और न्यूनतम 4.2 डिग्री सेल्सियस रहा था। लगातार कम तापमान और कोहरे ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है।



