IMD का बड़ा अलर्ट: 26-28 दिसंबर तक बारिश, बर्फबारी और शीतलहर! कई राज्यों के लिए चेतावनी जारी
IMD ने 26 से 28 दिसंबर तक देशभर में मौसम के तीखे बदलाव का अलर्ट जारी किया है। दक्षिण भारत में भारी बारिश, उत्तर और पूर्वोत्तर में बर्फबारी तथा राजस्थान में कड़ाके की ठंड और कोहरे की चेतावनी दी गई है। अगले 72 घंटे बेहद अहम होंगे।
- केरल-तमिलनाडु में अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट
- उत्तराखंड, हिमाचल और लद्दाख में बर्फबारी की संभावना
- राजस्थान में शीतलहर और घने कोहरे का असर बढ़ेगा
- IMD ने अगले 72 घंटे को मौसम के लिए अहम बताया
Weather Update: देश के मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मानसून को विदा हुए महीना भर बीत चुका है लेकिन आसमान मानो लौटकर जवाब देना चाहता हो। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 26 से 28 दिसंबर तक देश के कई हिस्सों में एक साथ बारिश, बर्फबारी, तेज हवाएं और शीतलहर का असर देखने को मिलेगा।
यह हालात किसी सामान्य मौसमी बदलाव की नहीं बल्कि एक बड़े वेदर पैटर्न शिफ्ट की ओर इशारा करते हैं जो साल के आखिरी हफ्ते में भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है।
दक्षिण में बारिश दौर, उत्तर में ठंड की कड़ी मार
उत्तरी राज्यों में जहां सर्द हवाएं और कोहरा अपना असर दिखाने लगे हैं वहीं दक्षिण भारत में बादल फिर से भारी होकर लौट आए हैं। बंगाल की खाड़ी में बना नया सिस्टम इस पूरे मिजाज को पलट रहा है। खासकर तमिलनाडु और केरल में अगले तीन दिनों तक गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की भविष्यवाणी की गई है।
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मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्पेल दिसंबर की सामान्य बारिश से काफी अलग होगा क्योंकि इसमें हवा की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है जो जनजीवन में खलल डाल सकता है।
पहाड़ों पर बर्फ और मैदानी इलाकों में ठंड
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी की संभावना ने छुट्टियों की प्लानिंग कर रहे यात्रियों को सतर्क कर दिया है। IMD ने साफ किया है कि 26 से 28 दिसंबर के बीच ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होगी और निचले इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
इस बदलते पैटर्न का सीधा असर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में महसूस होगा, जहां कोहरे के साथ-साथ तापमान में गिरावट शुरू हो चुकी है। सुबह-सुबह की विजिबिलिटी 50 मीटर तक सीमित होने की आशंका जताई गई है जो सड़क और रेल यातायात पर असर डाल सकती है।
राजस्थान में शीतलहर की दस्तक
मरुभूमि राजस्थान में ठंड का रंग इस बार कुछ और गहरा होने वाला है। IMD का अनुमान है कि शीतलहर की शुरुआत 26 दिसंबर से ही हो जाएगी। कई जिलों में पारा औसत से नीचे जा सकता है और रात का तापमान एक झटके में गिर सकता है।
राजस्थान के अलावा उत्तर भारत में तेज ठण्ड और दक्षिण में बारिश का दौर आने से आखिर सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर दिसंबर के आखिर में मौसम इतना एक्टिव क्यों है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक समुद्री आणविक दबाव में बदलाव, एलनिनो का प्रभाव और खाड़ी के ऊपर बने सिस्टम इसका बड़ा कारण हैं।
हालांकि राहत की बात यह है कि यह अलर्ट स्थायी नहीं है लेकिन अगले 72 घंटे काफी अहम हैं। IMD ने राज्यों की प्रशासनिक इकाइयों को तैयार रहने की सलाह दी है और लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है।
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