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DDA फ्लैट्स की बोली से पहले जान लें ये छिपे खर्चे! नहीं तो बाद में माथा पीटोगे
अगर आप दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) के फ्लैट को लेने का विचार कर रहे है तो आपको सबसे पहले इस खबर को पूरा पढ़ने की जरुरत है क्योंकि जो प्राइस आप सोचते है उसके अलावा भी आपको बहुत सारा पैसा बाद में अलग से देना पड़ता है। जानिए अतिरिक्त क्या क्या खर्चा होगा?

दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) की प्रीमियम हाउसिंग स्कीम 2025 में दिल्ली के शानदार इलाकों में HIG, LIG, MIG और EHS फ्लैट्स की बुकिंग शुरू हो चुकी है. ये फ्लैट्स ई-नीलामी के जरिए बिकेंगे, और DDA ने रिजर्व प्राइस भी तय कर दिया है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि फ्लैट की बोली जीतना ही काफी नहीं है? कई ऐसे छिपे खर्चे हैं जो आपके बजट को हिला सकते हैं. आइए, इनके बारे में जानते हैं.
मेंटनेंस चार्ज और कॉर्पस फंड का बोझ
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एक साल का मेंटनेंस चार्ज पहले ही जमा करना होगा.
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एकमुश्त कॉर्पस फंड भी देना होगा, जो रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को ट्रांसफर होगा.
यह कॉर्पस फंड सोसाइटी के रखरखाव, जैसे ग्रीन एरिया, लिफ्ट, और साफ-सफाई के लिए इस्तेमाल होगा.
RWA मेंबरशिप जरूरी
DDA का नियम है कि फ्लैट में कब्जा लेने से पहले आपको उस इलाके की RWA का मेंबर बनना होगा. बिना मेंबरशिप के पोजेशन नहीं मिलेगा. RWA बनने तक या पहले साल तक DDA रखरखाव का जिम्मा लेगा, लेकिन उसके बाद सारी जिम्मेदारी RWA की होगी, जिसमें बिजली, लिफ्ट, और सफाई जैसे काम शामिल हैं.
और भी हैं खर्चे
फ्लैट की कीमत के अलावा कई और चार्जेस हैं जो आपको चुकाने होंगे:
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फ्री होल्ड कन्वर्जन चार्ज: अगर आप फ्लैट को फ्री होल्ड करना चाहते हैं, तो इसके लिए अलग से फीस देनी होगी.
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वॉटर कनेक्शन चार्ज: ये भी रिजर्व प्राइस में शामिल नहीं है.
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ई-स्टांपिंग और रजिस्ट्रेशन: ये खर्चे भी आपकी जेब से ही जाएंगे.
बजट बनाएं, सावधानी बरतें
अगर आप DDA की इस स्कीम में हिस्सा लेने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ बोली की रकम पर ध्यान न दें. इन सभी अतिरिक्त खर्चों का हिसाब लगाएं. लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो इन खर्चों को भी जोड़ लें, ताकि बाद में कोई वित्तीय परेशानी न हो.
DDA की प्रीमियम हाउसिंग स्कीम आपके सपनों का घर दे सकती है, लेकिन सही प्लानिंग के बिना ये खर्चे आपको चौंका सकते हैं. अपनी जेब का ध्यान रखें और पूरी तैयारी के साथ बोली लगाएं.
लेखक के बारे में

न्यूज़ लिखना इतना आसान भी नहीं है जितना उनको पढ़ना होता है। हर खबर की गहराई में जाकर एक निचोड़ निकलना और सटीकता के साथ आप तक पहुंचाने का काम पिछले 8 सालों से कर रहा हूँ। कृषि से स्नातक करने के बाद से ही कृषि विषय पर आर्टिकल लिखने शुरू किये थे लेकिन समय पंख लगाकर कब तेजी से निकला और कब 8 साल बीत गए इसका भान ही नहीं हुआ। आगे भी समय के साथ पंख लगाकार आके लिए ऐसे ही आर्टिकल लिखते रहेंगे।