- Hindi News
- ब्रेकिंग न्यूज़
- भारत को राहत: ट्रंप के टैरिफ गैरकानूनी, सुप्रीम कोर्ट में होगी जंग
भारत को राहत: ट्रंप के टैरिफ गैरकानूनी, सुप्रीम कोर्ट में होगी जंग
अमेरिकी कोर्ट ने ट्रंप के भारत पर लगाए 25% ट्रेड टैरिफ को गैरकानूनी बताया है. हालांकि टैरिफ 14 अक्टूबर तक लागू है और इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपील होगी. हो सकता है की आने वाले समय में भारत को राहत मिले लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा टैरिफ बरकरार रह सकते हैं.
वाशिंगटन. अमेरिका की एक अपील कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत समेत कई देशों पर लगाए गए ट्रेड टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है. कोर्ट ने कहा कि ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक आपातकाल कानून (IEEPA) का दुरुपयोग करते हुए ये टैरिफ लगाए जो संविधान के तहत केवल कांग्रेस के अधिकार क्षेत्र में है. इस फैसले से भारत को बड़ी राहत मिल सकती है खासकर 25% टैरिफ पर जो ट्रंप ने अप्रैल में लागू किया था.

टैरिफ अभी लागू लेकिन 14 अक्टूबर तक का समय
भारत पर क्या होगा असर?
आपको बता दें की भारत पर लगाए गए 25% टैरिफ के अलावा, रूस से तेल खरीदने के लिए 25% का अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क भी लगाया गया था. हालांकि, कोर्ट का फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े टैरिफ, जैसे स्टील और एल्युमीनियम पर लागू नहीं होता. होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम का कहना है कि तेल पर लगाया गया टैरिफ रूस से खतरे को रोकने के लिए है इसलिए यह शायद बना रहेगा. फिर भी, अगर सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप की अपील खारिज होती है तो भारत से 25% टैरिफ हट सकता है.
ट्रंप का दावा: टैरिफ से अमेरिका मजबूत
दूसरी और ट्रंप ने दावा किया कि टैरिफ अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स, किसानों और मजदूरों के हित में हैं. उन्होंने कहा, "पिछली सरकारों ने टैरिफ का इस्तेमाल अमेरिका के खिलाफ होने दिया लेकिन अब हम इसे अपने देश को फिर से अमीर और ताकतवर बनाने के लिए इस्तेमाल करेंगे." व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने भी कहा कि टैरिफ अभी लागू हैं और उन्हें विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट में जीत मिलेगी.

कोर्ट का तर्क: टैरिफ लगाने का अधिकार कांग्रेस का
कोर्ट ने भी अपना तर्क दिया है और कोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया कि अमेरिकी संविधान के तहत टैरिफ लगाने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है. ट्रंप ने IEEPA कानून का हवाला देकर व्यापार घाटे को "राष्ट्रीय आपातकाल" बताते हुए टैरिफ लगाए थे लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि इस कानून में टैरिफ या टैक्स लगाने की अनुमति नहीं दी गई है. यह फैसला डेमोक्रेटिक राज्यों और छोटे कारोबारों की याचिकाओं पर आधारित है जिन्होंने ट्रंप के टैरिफ को चुनौती दी थी.
आगे क्या होने वाला है?
यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में जाएगा जहां ट्रंप को 6-3 के रूढ़िवादी बहुमत से समर्थन की उम्मीद है. अगर सुप्रीम कोर्ट अपील को खारिज करता है तो भारत समेत कई देशों को टैरिफ से राहत मिल सकती है. हालांकि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े टैरिफ और अन्य व्यापार कानूनों के तहत लगाए गए शुल्क अभी भी लागू रह सकते हैं. इस फैसले ने वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ा दी है और भारत जैसे देशों के लिए इसका असर सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा.
लेखक के बारे में

न्यूज़ लिखना इतना आसान भी नहीं है जितना उनको पढ़ना होता है। हर खबर की गहराई में जाकर एक निचोड़ निकलना और सटीकता के साथ आप तक पहुंचाने का काम पिछले 8 सालों से कर रहा हूँ। कृषि से स्नातक करने के बाद से ही कृषि विषय पर आर्टिकल लिखने शुरू किये थे लेकिन समय पंख लगाकर कब तेजी से निकला और कब 8 साल बीत गए इसका भान ही नहीं हुआ। आगे भी समय के साथ पंख लगाकार आके लिए ऐसे ही आर्टिकल लिखते रहेंगे।