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उत्तर भारत में बारिश का कहर: दिल्ली में 15 साल का रिकॉर्ड टूटा, पहाड़ों पर हाई अलर्ट
दिल्ली में 15 साल का बारिश रिकॉर्ड टूटा और अब यमुना खतरे के निशान पर बह रही है. उधर उत्तराखंड, हिमाचल में ऑरेंज अलर्ट और भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है. जम्मू-श्रीनगर हाइवे बंद हो चुके है जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है.

Mausam Update: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस अगस्त में बारिश ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. मौसम विभाग के मुताबिक अब तक 405.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है जो 2010 के बाद सबसे ज्यादा है. यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है जिससे निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या बढ़ गई है. खासकर पुरानी दिल्ली और कश्मीरी गेट के आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना जताई है.

हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने कांगड़ा, शिमला और सोलन के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. 31 अगस्त तक भारी बारिश और बादल फटने की आशंका जताई गई है. मंडी और चंबा में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं जिससे कई सड़कें बंद हो गई हैं. स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से पहाड़ी इलाकों में यात्रा न करने की सलाह दी है.
आपको बता दें की जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर भूस्खलन की वजह से यातायात पूरी तरह बंद है. मौसम विभाग ने 3 सितंबर तक बारिश की चेतावनी दी है जिसके चलते स्थानीय लोग और यात्री परेशान हैं.
मौसम विभाग ने उत्तर भारत के लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. नदियों के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा है.
लेखक के बारे में

भारत कृषि प्रधान देश है और किसान देश की आत्मा है। किसानों के लिए जब कुछ किया जाता है तो मन को सुकून मिलता है। टेक्सटाइल विषय से स्नातक करने के बाद अपने लिखने के शौख को आगे बढ़ाया और किसानों के लिए कलम उठाई। रोजाना किसानों से जुडी ख़बरें और बिज़नेस से जुडी ख़बरों को लिखकर आप तक पहुंचाने का सिलसिला आगे भी ऐसे ही जारी रहने वाला है।