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GST रिफंड अब और आसान: टैक्सपेयर्स को मिली बड़ी राहत
GSTN ने रिफंड प्रक्रिया को बनाया आसान जिससे अब 'Refund Due' स्टेटस जरूरी नहीं, जीरो/पॉजिटिव बैलेंस में भी रिफंड संभव होगा. ऑटो-फिल RFD-01, नए ऑर्डर सुझाव, टूलटिप्स से मदद भी मिलेगी. जानिए पूरी जानकारी -

नई दिल्ली. गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क (GSTN) ने टैक्सपेयर्स के लिए जीएसटी रिफंड प्रक्रिया को और सरल कर दिया है. नए बदलावों से रिफंड लेना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और पारदर्शी हो गया है. आइए जानते हैं कि ये बदलाव क्या हैं और ये टैक्सपेयर्स को कैसे फायदा पहुंचाएंगे.
पहले क्या थी दिक्कत?

नए बदलावों ने बदला सिस्टम
जीएसटीएन ने रिफंड प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सिस्टम में कई बड़े बदलाव किए हैं:
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अब रिफंड क्लेम करने के लिए डिमांड आईडी का स्टेटस 'Refund Due' होना जरूरी नहीं है.
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अगर कुल बैलेंस जीरो या पॉजिटिव है, लेकिन किसी एक हिस्से में नेगेटिव बैलेंस है, तो भी रिफंड क्लेम किया जा सकता है.
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रिफंड फॉर्म (RFD-01) में सिर्फ नेगेटिव बैलेंस अपने-आप भरेगा, जिससे गलतियां कम होंगी.
और क्या है नया?
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सिस्टम अब अपने-आप सबसे नया डिमांड ऑर्डर सुझाएगा, जैसे ऑर्डर-इन-ओरिजिनल या अपीलीय ऑर्डर, जो नेगेटिव बैलेंस से जुड़ा हो.
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ऑर्डर नंबर और डिमांड आईडी भरते समय टूलटिप्स की मदद मिलेगी, जिससे टैक्सपेयर्स को सही जानकारी मिलेगी.
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जीएसटीएन जल्द ही डिटेल्ड यूजर मैनुअल और FAQs जारी करेगा, ताकि टैक्सपेयर्स को और आसानी हो.
टैक्सपेयर्स को कैसे मिलेगा फायदा?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये बदलाव टैक्सपेयर्स के लिए गेम-चेंजर साबित होंगे. पहले सिस्टम की जटिलता की वजह से कई टैक्सपेयर्स रिफंड से वंचित रह जाते थे. अब नया सिस्टम ज्यादा यूजर-फ्रेंडली और पारदर्शी है. इससे हजारों टैक्सपेयर्स को तेजी से रिफंड मिलेगा.
मदद के लिए हेल्पडेस्क
अगर किसी टैक्सपेयर को रिफंड प्रक्रिया में कोई दिक्कत आती है तो वे GST हेल्पडेस्क पर टिकट उठाकर सहायता ले सकते हैं. जीएसटीएन का कहना है कि ये बदलाव टैक्सपेयर्स के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
लेखक के बारे में

न्यूज़ लिखना इतना आसान भी नहीं है जितना उनको पढ़ना होता है। हर खबर की गहराई में जाकर एक निचोड़ निकलना और सटीकता के साथ आप तक पहुंचाने का काम पिछले 8 सालों से कर रहा हूँ। कृषि से स्नातक करने के बाद से ही कृषि विषय पर आर्टिकल लिखने शुरू किये थे लेकिन समय पंख लगाकर कब तेजी से निकला और कब 8 साल बीत गए इसका भान ही नहीं हुआ। आगे भी समय के साथ पंख लगाकार आके लिए ऐसे ही आर्टिकल लिखते रहेंगे।