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होटल, सिनेमा सस्ता, जुआ महंगा: GST में बड़े बदलाव की तैयारी!
होटल, सस्ते मूवी टिकट, ब्यूटी सर्विसेज पर GST 12-18% से घटकर 5% हो सकता है. जुआ, सट्टेबाजी, कैसिनो पर टैक्स 28% से बढ़कर 40% करने का प्रस्ताव. 3-4 सितंबर को GST काउंसिल की बैठक में फैसला. आम जनता को मिलेगी राहत.

होटल में ठहरना सस्ता हो जायेगा, ब्यूटी सर्विसेज और मूवी देखना भी अब सस्ता होने वाला है. जीएसटी काउंसिल की बैठक 3 और 4 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में होगी जिसके बाद इसका फैसला हो जायेगा.
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए जीएसटी दरों में बदलाव का नया प्रस्ताव पेश किया है. इस प्रस्ताव के तहत होटल में ठहरना, ब्यूटी सर्विसेज और सस्ते मूवी टिकट सस्ते हो सकते हैं. वहीं, जुआ, सट्टेबाजी और कैसिनो जैसी गतिविधियों पर टैक्स बढ़ाने की योजना है. जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में इस पर अंतिम मुहर लग सकती है.
क्या है नया प्रस्ताव?
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होटल में ठहरना: 7500 रुपये या इससे कम किराए वाले होटल रूम पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने की सिफारिश.
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ब्यूटी सर्विसेज: ब्यूटी और फिजिकल वेलनेस सेवाओं पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% करने का प्रस्ताव.
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सस्ते मूवी टिकट: 100 रुपये से कम कीमत वाले सिनेमा टिकटों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने की योजना.
जुआ और सट्टेबाजी होगी महंगी
प्रस्ताव में जुआ, सट्टेबाजी और कैसिनो जैसी गतिविधियों पर जीएसटी बढ़ाने की बात है. इन सेवाओं पर मौजूदा 28% टैक्स को बढ़ाकर 40% करने का सुझाव है. इसमें कैसिनो, रेस क्लब, घुड़दौड़, लॉटरी और IPL जैसे खेल आयोजनों के टिकट शामिल हैं.
कब होगा फैसला?
जीएसटी काउंसिल की बैठक 3 और 4 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में होगी. इस दौरान इन प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा होगी और अंतिम फैसला लिया जाएगा. अगर ये बदलाव लागू होते हैं, तो आम जनता को होटल, सिनेमा और ब्यूटी सर्विसेज में राहत मिलेगी, लेकिन जुआ और सट्टेबाजी से जुड़ी गतिविधियां महंगी हो जाएंगी.
आम लोगों पर क्या होगा असर?
अगर प्रस्ताव पास होता है, तो मध्यम वर्ग के लिए होटल में रुकना और सिनेमा देखना सस्ता हो सकता है. वहीं, ब्यूटी पार्लर और वेलनेस सर्विसेज भी किफायती होंगी. लेकिन सट्टेबाजी और जुआ जैसी गतिविधियों पर ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है. अधिक जानकारी के लिए जीएसटी काउंसिल की बैठक के फैसले का इंतजार करें.
लेखक के बारे में

न्यूज़ लिखना इतना आसान भी नहीं है जितना उनको पढ़ना होता है। हर खबर की गहराई में जाकर एक निचोड़ निकलना और सटीकता के साथ आप तक पहुंचाने का काम पिछले 8 सालों से कर रहा हूँ। कृषि से स्नातक करने के बाद से ही कृषि विषय पर आर्टिकल लिखने शुरू किये थे लेकिन समय पंख लगाकर कब तेजी से निकला और कब 8 साल बीत गए इसका भान ही नहीं हुआ। आगे भी समय के साथ पंख लगाकार आके लिए ऐसे ही आर्टिकल लिखते रहेंगे।