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GST में बड़ा बदलाव: क्या सस्ता, क्या महंगा? नई टैक्स दरों से आपकी जेब पर क्या होगा असर - जानिए
सूत्रों की मानें तो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) अपनी अगली बैठक में दो स्लैब - 5% और 18% - के प्रस्ताव पर चर्चा करेगा. इससे कई रोजमर्रा की चीजों के दाम घट सकते हैं, तो कुछ की कीमतें बढ़ सकती हैं.
जीएसटी ढांचे को आसान बनाने के लिए सरकार दो स्लैब (5% और 18%) लागू करने की योजना पर काम कर रही है. ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) जल्द ही इस प्रस्ताव पर चर्चा करेगा लेकिन अंतिम फैसला जीएसटी काउंसिल की बैठक में होगा. कई सेक्टरों में टैक्स दरों में बदलाव से कुछ चीजें सस्ती होंगी तो कुछ महंगी. आइए जानते हैं क्या बदलेगा.

सस्ता क्या होगा?
- कृषि और उर्वरक: फर्टिलाइजर एसिड और बायो-पेस्टिसाइड्स पर जीएसटी 18% और 12% से घटकर 5% होगा.
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सोलर प्रोडक्ट्स: सोलर कुकर्स, वाटर हीटर और अन्य सोलर डिवाइस पर जीएसटी 12% से घटकर 5% होगा.
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टेक्सटाइल: सिलाई धागा, सिंथेटिक यार्न, कारपेट्स और गॉज जैसे प्रोडक्ट्स पर जीएसटी 12% से घटकर 5% होगा.
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रेडीमेड कपड़े: 2500 रुपये तक के रेडीमेड गारमेंट्स पर जीएसटी 5% रहेगा, जो पहले 1000 रुपये तक था.
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फुटवियर: 2500 रुपये से कम कीमत वाले फुटवियर पर जीएसटी 12% से घटकर 5% होगा.
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स्टेशनरी और शिक्षा: इरेजर, मैप्स, पेंसिल, क्रेयॉन्स और कॉपी पर जीएसटी 12% से घटकर 0% होगा. ज्योमेट्री बॉक्स और मैथमैटिकल बॉक्स पर जीएसटी 12% से 5% होगा.
महंगा क्या होगा?
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कोयला और एनर्जी: कोयला, ब्रिकेट्स, लिग्नाइट और पीट से बने सॉलिड फ्यूल पर जीएसटी 5% से बढ़कर 18% होगा.
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रेडीमेड कपड़े: 2500 रुपये से ज्यादा कीमत वाले गारमेंट्स पर जीएसटी 12% से बढ़कर 18% होगा.
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फुटवियर: 2500 रुपये से ज्यादा कीमत वाले फुटवियर पर जीएसटी 12% से बढ़कर 18% होगा.
आम लोगों पर असर
नए स्लैब लागू होने से रोजमर्रा की चीजें जैसे स्टेशनरी, सस्ते कपड़े और जूते सस्ते हो सकते हैं. वहीं, कोयला और महंगे कपड़े-जूतों की कीमत बढ़ सकती है. सरकार का लक्ष्य टैक्स सिस्टम को सरल बनाना है, जिससे कारोबार आसान हो और उपभोक्ताओं को फायदा मिले. अगली जीएसटी काउंसिल की बैठक में इन प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगेगी. तब तक नजर बनाए रखें!
लेखक के बारे में

न्यूज़ लिखना इतना आसान भी नहीं है जितना उनको पढ़ना होता है। हर खबर की गहराई में जाकर एक निचोड़ निकलना और सटीकता के साथ आप तक पहुंचाने का काम पिछले 8 सालों से कर रहा हूँ। कृषि से स्नातक करने के बाद से ही कृषि विषय पर आर्टिकल लिखने शुरू किये थे लेकिन समय पंख लगाकर कब तेजी से निकला और कब 8 साल बीत गए इसका भान ही नहीं हुआ। आगे भी समय के साथ पंख लगाकार आके लिए ऐसे ही आर्टिकल लिखते रहेंगे।