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हरियाणा विधानसभा ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया
हरियाणा विधानसभा ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर उनके बलिदान को श्रद्धांजलि दी। 'हिंद की चादर' के आदर्श सांप्रदायिक सौहार्द्र और मानवाधिकारों की रक्षा की प्रेरणा देते हैं।
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चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा ने आज नौवें सिख गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के सम्मान में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा के चल रहे मानसून सत्र के दौरान यह प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव में गुरु तेग बहादुर जी के अद्वितीय बलिदान को याद करते हुए हरियाणा की जनता की ओर से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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इस मौके पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, "गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान ने हमें आस्था, स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा के मूल्यों को बनाए रखने की प्रेरणा दी है। हरियाणा की जनता उनके प्रति गहरी श्रद्धा रखती है और आज का प्रस्ताव इस श्रद्धा का प्रतीक है।"
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श्री गुरु तेग बहादुर जी का जन्म 1 अप्रैल, 1621 को हुआ था और वे 16 अप्रैल, 1664 को नौवें सिख गुरु बने। उनका जीवन धर्म की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित रहा। 1675 में, उन्होंने मुगल सम्राट औरंगजेब के अत्याचारों के खिलाफ खड़े होकर अपना जीवन बलिदान दिया जिससे वे सभी धर्मों के लोगों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गए।
हरियाणा में श्री गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में सिख समुदाय की महत्वपूर्ण उपस्थिति है। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिसमें प्रार्थनाएं, शबद कीर्तन और समुदायिक भोज शामिल हैं।

आपको बता दें की इस प्रस्ताव के पारित होने से राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द्र और धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक संदेश गया है। यह कदम हरियाणा सरकार की ओर से सिख समुदाय के प्रति सम्मान और एकजुटता को दर्शाता है।
हरियाणा विधानसभा द्वारा पारित यह प्रस्ताव न केवल एक औपचारिक श्रद्धांजलि है बल्कि यह गुरु तेग बहादुर जी के आदर्शों और मूल्यों को जीवित रखने की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करता है। राज्य सरकार ने इस अवसर पर सभी नागरिकों से उनके बलिदान को याद करने और उनके संदेश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया है।
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न्यूज़ लिखना इतना आसान भी नहीं है जितना उनको पढ़ना होता है। हर खबर की गहराई में जाकर एक निचोड़ निकलना और सटीकता के साथ आप तक पहुंचाने का काम पिछले 8 सालों से कर रहा हूँ। कृषि से स्नातक करने के बाद से ही कृषि विषय पर आर्टिकल लिखने शुरू किये थे लेकिन समय पंख लगाकर कब तेजी से निकला और कब 8 साल बीत गए इसका भान ही नहीं हुआ। आगे भी समय के साथ पंख लगाकार आके लिए ऐसे ही आर्टिकल लिखते रहेंगे।